हिंदू बनाम मुस्लिम
हिंदू-मुस्लिम: हम थे, हम हैं, और हमेशा भाई-भाई रहेंगे लेखक: अयान कबीर आजकल देश में हिंदू-मुस्लिम को एक-दूसरे का दुश्मन बनाकर पेश किया जा रहा है — कभी भाषा को ले कर तो कभी लाउडस्पीकर को लेकर, कभी मंदिर की घंटी, तो कभी अज़ान को लेकर। लेकिन मैं आप सबसे एक सच्ची बात कहना चाहता हूँ — हिंदू और मुस्लिम कभी दुश्मन नहीं थे। हम भाई थे, भाई हैं... और हमेशा भाई ही रहेंगे। दुश्मनी अगर किसी की है, तो वो उन लोगों की है जो खुद को भगवान राम का भक्त या अल्लाह का इबादतगुज़ार कहते हैं, लेकिन असल में ना राम को जानते हैं, ना इस्लाम को समझते हैं। शोर धर्म का नहीं, स्वार्थ का है इन लोगों को अज़ान से दिक्कत है क्योंकि उनकी पार्टी रातभर चलती है, सुबह नींद में खलल पड़ता है। घंटी की आवाज़ से इसलिए दिक्कत है क्योंकि गर्लफ्रेंड की आवाज़ मोबाइल में साफ़ नहीं सुनाई देती। मतलब साफ़ है — इनका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। इनका मकसद सिर्फ धर्म के नाम पर नफरत फैलाना और सत्ता में बने रहना है। इनके घरों में आवाज़ नहीं जाती, पर नफरत दूर-दूर तक फैलती है हकीकत ये है कि इन लोगों के घर ऐसे ...